Saturday, 12 July 2014

देख कर भी हमें जो,
तुम यूँ नज़रें चुरा रहे हो…
है तुम्हें खुदा की कसम,
बता दो के,
जमानें में किसे,
 बेवक़ूफ़  बना रहे हो....

                               -------- रजनीश शुक्ल

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